Multi task se dimaag me hone wali preshaniya

Multi task se dimaag me hone wali preshaniya

Multi task se dimaag me hone wali preshaniya

 

मल्टी टास्किंग (एक साथ कई काम करना) आज की तेज़-रफ्तार ज़िंदगी में आम हो गया है, लेकिन इसका हमारे दिमाग और मानसिक सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। मल्टी टास्किंग के जाल को पहचानने की कोशिश कर रहे हैं।

 

यह पहला और सबसे जरूरी कदम है — जब तक हमें पता नहीं चलता कि हम कब और कैसे मल्टी टास्क कर रहे हैं, तब तक उसे रोकना मुश्किल होता है। नीचे मल्टी टास्किंग से होने वाली कुछ प्रमुख परेशानियाँ दी गई हैं:

 

 

एकाग्रता में कमी (Reduced Focus)

जब आप एक साथ कई काम करते हैं, तो दिमाग बार-बार एक काम से दूसरे काम पर स्विच करता है। इससे ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है और हर काम में गुणवत्ता घट जाती है।

 

 

स्मृति पर प्रभाव (Memory Problems)

मल्टी टास्किंग से वर्किंग मेमोरी (short-term memory) पर बोझ बढ़ता है, जिससे आप चीजें जल्दी भूलने लगते हैं या जानकारी को ठीक से याद नहीं रख पाते।

 

 

निर्णय लेने की क्षमता में कमी (Poor Decision Making)

लगातार अलग-अलग कामों में उलझे रहने से निर्णय लेने की प्रक्रिया धीमी और कम प्रभावशाली हो जाती है।

 

 

तनाव और मानसिक थकावट (Stress & Mental Fatigue)

मल्टी टास्किंग से दिमाग पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे तनाव, चिड़चिड़ापन और मानसिक थकान महसूस होने लगती है।

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उत्पादकता में गिरावट (Decreased Productivity)

लोग सोचते हैं कि मल्टी टास्किंग से ज्यादा काम हो पाएगा, लेकिन शोध बताते हैं कि यह उत्पादकता को घटाता है और काम को पूरा करने में ज़्यादा समय लगता है।

 

 

दीर्घकालीन प्रभाव (Long-term Effects)

लगातार मल्टी टास्किंग करने से दिमाग की संरचना और कार्य प्रणाली पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे ध्यान केंद्रित करने की क्षमता स्थायी रूप से प्रभावित हो सकती है। इसलिए लोग उन्हें समय रहते पहचान नहीं पाते। नीचे इसके विस्तार से प्रभाव दिए गए हैं:

 

ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में गिरावट (Reduced Attention Span) – बार-बार एक काम से दूसरे पर स्विच करने से दिमाग धीरे-धीरे एक ही चीज़ पर लंबे समय तक ध्यान नहीं रख पाता।

यह आदत बन जाती है, जिससे गहरी सोच (deep thinking) करना मुश्किल हो जाता है।

 

काम की गुणवत्ता घटती है (Reduced Work Quality) – एक ही समय में कई काम करने की आदत से, किसी भी काम में गहराई नहीं आ पाती।

इससे पेशेवर जीवन में गलतियाँ, दोहराव और रचनात्मकता में गिरावट होती है।

 

 

वैज्ञानिक अनुसंधान क्या कहता है?

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक स्टडी में पाया गया कि जो लोग अक्सर मल्टी टास्क करते हैं, उनकी जानकारी प्रोसेस करने की क्षमता कम हो जाती है।

मल्टी टास्क करने वाले लोग distractions से ज़्यादा प्रभावित होते हैं।

 

 

क्या किया जा सकता है?

एक समय में एक काम करें (Single-tasking अपनाएं)

टाइम ब्लॉकिंग तकनीक अपनाएं

फोन व नोटिफिकेशन को सीमित करें

ध्यान और मेडिटेशन का अभ्यास करें

 

मल्टी टास्किंग के जाल को पहचानें

1 दिन ध्यान दें कि कब-कब आप एक साथ कई काम करते हैं (जैसे फोन पर बात करते हुए मेल चेक करना)।

कामों की सूची (To-Do List) बनाएं — प्राथमिकता के अनुसार।

 

टाइम-ब्लॉकिंग अपनाएं

दिन को 1–2 घंटे के “Focus Blocks” में बांटें।

हर Block में सिर्फ एक काम करें, बाकी सब नोट करें लेकिन बाद में करें।

उदाहरण: सुबह 9–11 बजे — सिर्फ रिपोर्ट लिखना (फोन बंद, नोटिफिकेशन बंद)

 

डिजिटल डिस्ट्रैक्शन पर रोक

1 घंटे के लिए फोन साइलेंट या DND मोड पर रखें। सोशल मीडिया/ईमेल के लिए एक तय समय बनाएं।

मोबाइल फोन, सोशल मीडिया, नोटिफिकेशन, ईमेल, यूट्यूब आदि जो हमारा ध्यान भटकाते हैं।

यह ध्यान की निरंतरता को तोड़ते हैं और काम की गुणवत्ता घटाते हैं।

 

इनके नकारात्मक प्रभाव:  बार-बार ध्यान टूटता है। , उत्पादकता (Productivity) में कमी आती है। , मानसिक थकावट और चिड़चिड़ापन बढ़ता है। , एकाग्रता घटती है, याददाश्त पर असर पड़ता है

 

माइंडफुलनेस अभ्यास शुरू करें

दिन की शुरुआत में 5–10 मिनट का मेडिटेशन या डीप ब्रीदिंग करें।
ये एकाग्रता बढ़ाता है और दिमाग को स्थिर बनाता है

 

एक काम पूरी तरह खत्म करें फिर दूसरा शुरू करें

अधूरे कामों की सूची बनाएं।
एक-एक करके काम पूरा करें और टिक करें (Done का satisfaction आपको अच्छा लगेगा!)

 

No Multi-tasking’ ज़ोन बनाएं

घर या ऑफिस में एक जगह तय करें जहां आप सिर्फ एक काम करेंगे।
यह जगह आपका “focus zone” बन जाती है।

 

Reflection और Adjustment

हफ्ते के अनुभवों को लिखें:
क्या काम किया?
क्या चुनौती रही?
क्या सुधार हो सकता है?
अगले हफ्ते के लिए इस प्लान को थोड़ा कस्टमाइज़ करें।

 

Bonus Tips:

Pomodoro Technique (25 मिनट फोकस + 5 मिनट ब्रेक) ट्राई करें।
कोई “accountability partner” रखें जो आपको ट्रैक करे।
बार-बार खुद से पूछें: “क्या मैं अभी एक ही चीज़ पर ध्यान दे रहा हूँ?

 

नोट:- “मल्टीटास्किंग से दिमाग में होने वाली परेशानियाँ” के बारे में आपकी क्या राय है? कृपया नीचे कमेंट बॉक्स में हमें बताएँ। आपकी राय हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

 

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